अर्थ
हनुमान की जय हो। यही दो शब्द हनुमान चालीसा की पहली चौपाई की शुरुआत भी हैं, "जय हनुमान ज्ञान गुन सागर"।
परिचय
मंगलवार और शनिवार को हनुमान मंदिरों की भीड़ में यही सबसे ऊपर सुनाई देता है। बहुत से लोग अँधेरे रास्ते पर या किसी डर के पल में अपने आप यह बोल उठते हैं। बच्चे जो पहले-पहले भक्ति के शब्द सीखते हैं, उनमें यह भी होता है।
जप कैसे करें
हनुमान जी के सामने दीया जलाकर बोलें। चालीसा से ठीक पहले या बाद में इसे बोलने का चलन है।
कब जपें: मंगलवार और शनिवार।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।