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    प्रसिद्ध मंदिर

    श्री साईं बाबा मंदिर, शिरडी

    शिरडी, अहमदनगर जिला, महाराष्ट्र

    'सबका मालिक एक' का संदेश देने वाले संत की समाधि — सभी धर्मों के श्रद्धालुओं का संगम

    एक नज़र में

    स्थान
    शिरडी, अहमदनगर जिला, महाराष्ट्र
    आराध्य
    श्री साईं बाबा
    श्रेणी
    प्रसिद्ध मंदिर
    परंपरा
    अन्य परंपरा
    निकटतम रेलवे स्टेशन
    साईंनगर शिरडी रेलवे स्टेशन (लगभग 3 किमी); कोपरगांव (लगभग 22 किमी) एक अन्य विकल्प
    निकटतम हवाई अड्डा
    शिरडी हवाई अड्डा (लगभग 15 किमी)
    घूमने का सर्वोत्तम समय
    अक्टूबर से मार्च; रामनवमी व गुरु पूर्णिमा पर विशेष भव्य उत्सव मनाया जाता है।

    इतिहास

    शिरडी साईं बाबा मंदिर संत साईं बाबा (लगभग 1838-1918) की समाधि स्थल पर स्थित है, जिन्होंने अपने जीवनकाल में हिंदू व मुस्लिम दोनों परंपराओं के तत्वों को अपनाते हुए "सबका मालिक एक" का संदेश दिया। साईं बाबा को कुछ भक्त शिरडी में ही जन्मे संत मानते हैं जबकि अन्य उन्हें किसी अज्ञात स्थान से आया हुआ मानते हैं — उनकी उत्पत्ति आज भी रहस्यमय बनी हुई है।

    धार्मिक महत्व

    शिरडी को महाराष्ट्र के सबसे अधिक दर्शनार्थियों वाले तीर्थों में गिना जाता है, और यहाँ जाति, धर्म व राष्ट्रीयता के भेदभाव के बिना सभी श्रद्धालु स्वागत योग्य माने जाते हैं।

    यात्रा की योजना

    दर्शन समय

    प्रातः 4:00 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक, कई दैनिक आरतियों के साथ।

    त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।

    साईंनगर शिरडी स्टेशन मुंबई, पुणे, दिल्ली सहित कई शहरों से जुड़ा है; स्टेशन से मंदिर तक ऑटो व टैक्सी सुगमता से उपलब्ध हैं।

    सामान्य प्रश्न

    साईं बाबा की जन्म-पृष्ठभूमि आज भी अनिश्चित मानी जाती है; उन्होंने अपने जीवन व शिक्षाओं में हिंदू व मुस्लिम दोनों परंपराओं के तत्व अपनाए और सभी धर्मों की एकता का संदेश दिया।