प्रसिद्ध मंदिर
श्री खंडोबा मंदिर, जेजुरी
जेजुरी, पुणे ज़िला, महाराष्ट्र
हल्दी की वर्षा वाला मंदिर — महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय कुलदेवता का स्थान
एक नज़र में
- स्थान
- जेजुरी, पुणे ज़िला, महाराष्ट्र
- आराध्य
- भगवान खंडोबा (शिव का मार्तण्ड भैरव स्वरूप)
- श्रेणी
- प्रसिद्ध मंदिर
- परंपरा
- शैव
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- जेजुरी रेलवे स्टेशन (लगभग 2 किमी); पुणे जंक्शन (लगभग 50 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा
- पुणे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 60 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से फरवरी; चंपाषष्ठी (नवंबर-दिसंबर) यहाँ का प्रमुख उत्सव है।
इतिहास
जेजुरी पुणे से लगभग 50 किमी दक्षिण-पूर्व में एक पहाड़ी पर बसा मंदिर नगर है। खंडोबा को शिव का मार्तण्ड भैरव स्वरूप माना जाता है और वे महाराष्ट्र तथा उत्तरी कर्नाटक में सबसे व्यापक रूप से माने जाने वाले कुलदेवता हैं। वर्तमान मंदिर परिसर में मराठा काल के निर्माण और दान के अभिलेख मिलते हैं।
धार्मिक महत्व
यहाँ की सबसे विशिष्ट परंपरा भंडार — हल्दी — की वर्षा है; उत्सव के दिनों में पूरा परिसर पीली हल्दी से भर जाता है, और "येळकोट येळकोट जय मल्हार" का उद्घोष होता है। खंडोबा को किसान, धनगर और कई अन्य समुदाय अपने कुलदेवता के रूप में पूजते हैं। मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग दो सौ सीढ़ियाँ चढ़नी होती हैं।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
मंदिर प्रातः से सायं तक खुला रहता है। सोमवती अमावस्या, चंपाषष्ठी और दशहरा पर भीड़ बहुत अधिक होती है।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
पुणे से सड़क मार्ग द्वारा लगभग डेढ़ घंटे में पहुँचा जा सकता है और बसें नियमित चलती हैं। मंदिर पहाड़ी पर है, इसलिए सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।
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