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    प्रसिद्ध मंदिर

    बृहदीश्वर मंदिर, तंजावुर

    तंजावुर (तंजोर), तमिलनाडु

    यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, चोल स्थापत्य कला का सर्वोच्च शिखर

    एक नज़र में

    स्थान
    तंजावुर (तंजोर), तमिलनाडु
    आराध्य
    भगवान शिव (बृहदीश्वर रूप में)
    श्रेणी
    प्रसिद्ध मंदिर
    परंपरा
    शैव
    निकटतम रेलवे स्टेशन
    तंजावुर जंक्शन (लगभग 2 किमी)
    निकटतम हवाई अड्डा
    तिरुचिरापल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 60 किमी)
    घूमने का सर्वोत्तम समय
    नवंबर से फरवरी।

    इतिहास

    बृहदीश्वर मंदिर का निर्माण चोल सम्राट राजराज प्रथम द्वारा लगभग 1010 ई. में करवाया गया था, और यह पूर्णतः ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है, जबकि निकटतम ग्रेनाइट स्रोत मंदिर से लगभग 60 किमी दूर माना जाता है — यह उस युग की इंजीनियरिंग क्षमता का अद्भुत प्रमाण है। मंदिर का विमान (शिखर) लगभग 66 मीटर ऊँचा है और इसके शीर्ष पर रखा एकल पत्थर का कलश लगभग 80 टन वजनी माना जाता है।

    धार्मिक महत्व

    यह मंदिर तंजावुर, गंगईकोंडचोलपुरम व दारासुरम के "महान जीवंत चोल मंदिर" समूह का हिस्सा है, जिसे 1987 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।

    यात्रा की योजना

    दर्शन समय

    प्रातः 6:00 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक।

    त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।

    तंजावुर जंक्शन चेन्नई व तिरुचिरापल्ली से जुड़ा है; स्टेशन से मंदिर तक ऑटो या टैक्सी द्वारा कुछ ही मिनटों में पहुँचा जा सकता है।

    भगवान शिव की भक्ति आगे बढ़ाएँ

    इसी देवता से जुड़ी सामग्री, इसी साइट पर।

    सामान्य प्रश्न

    इतिहासकारों के अनुसार लगभग 6 किमी लंबी ढलानदार रैंप का निर्माण कर हाथियों की सहायता से लगभग 80 टन वजनी शीर्ष पत्थर को ऊपर तक पहुँचाया गया था।