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    प्रसिद्ध मंदिर

    एकाम्बरेश्वर मंदिर, कांचीपुरम

    कांचीपुरम, तमिलनाडु

    पंच भूत स्थलों में पृथ्वी तत्व का शिव मंदिर

    एक नज़र में

    स्थान
    कांचीपुरम, तमिलनाडु
    आराध्य
    भगवान शिव (एकाम्बरेश्वर, पृथ्वी लिंग)
    श्रेणी
    प्रसिद्ध मंदिर
    परंपरा
    शैव
    निकटतम रेलवे स्टेशन
    कांचीपुरम रेलवे स्टेशन (लगभग 2 किमी)
    निकटतम हवाई अड्डा
    चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 75 किमी)
    घूमने का सर्वोत्तम समय
    नवंबर से फरवरी; पंगुनी उत्तिरम पर विशेष उत्सव होता है।

    इतिहास

    एकाम्बरेश्वर मंदिर कांचीपुरम में है और शैव परंपरा के पंच भूत स्थलों में पृथ्वी तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। यहाँ शिव को पृथ्वी लिंग के रूप में पूजा जाता है। मंदिर का विस्तार पल्लव और चोल काल में हुआ और विजयनगर काल में इसका विशाल राजगोपुरम बना, जो दक्षिण भारत के सबसे ऊँचे गोपुरमों में गिना जाता है।

    धार्मिक महत्व

    परंपरा में यह कथा जुड़ी है कि देवी पार्वती ने यहाँ आम के वृक्ष के नीचे बालू का लिंग बनाकर तपस्या की और शिव ने उन्हें स्वीकार किया। मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन आम्र वृक्ष को इसी कथा से जोड़ा जाता है। कांचीपुरम स्वयं सप्त पुरियों में गिना जाता है।

    यात्रा की योजना

    दर्शन समय

    प्रातः से रात्रि तक, दोपहर में पट बंद रहते हैं। सटीक समय के लिए स्थानीय सूचना देख लें।

    त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।

    कांचीपुरम चेन्नई से सड़क मार्ग द्वारा लगभग दो घंटे में पहुँचा जा सकता है और बस सेवा नियमित है। नगर में कामाक्षी अम्मन, वरदराज पेरुमल और कैलासनाथर मंदिर भी पास-पास हैं।

    भगवान शिव की भक्ति आगे बढ़ाएँ

    इसी देवता से जुड़ी सामग्री, इसी साइट पर।

    सामान्य प्रश्न

    पाँच तत्वों से जुड़े पाँच शिव मंदिर — कांचीपुरम (पृथ्वी), तिरुवनैकावल (जल), तिरुवण्णामलै (अग्नि), श्रीकालहस्ती (वायु) और चिदंबरम (आकाश)।

    मुख्य चार — एकाम्बरेश्वर, कामाक्षी अम्मन, वरदराज पेरुमल और कैलासनाथर — एक दिन में आराम से देखे जा सकते हैं।