अर्थ
हर शिव का नाम है, यानी वह जो दुख और पाप हर लेता है। महादेव यानी देवों के देव। यह पुकार है, जो जोश से बोली जाती है।
परिचय
बनारस में यह अभिवादन भी है, लोग मिलते हैं तो "हर हर महादेव" कहते हैं। सावन में काँवड़िये गंगाजल लेकर चलते हैं तो कोसों तक यही नारा लगाते हैं। इतिहास में यह मराठा सेना का युद्धघोष भी रहा। यह ऐसा मंत्र नहीं जिसे चुपचाप माला पर गिना जाए, इसका स्वभाव ही ऊँची आवाज़ का है।
जप कैसे करें
खुलकर, पूरी आवाज़ में बोलें, और हो सके तो दूसरों के साथ। शिव मंदिर में प्रवेश करते समय या अभिषेक पूरा होने पर इसे बोलने की परंपरा है।
कब जपें: सावन, महाशिवरात्रि, और हर बार जब शिव मंदिर जाएँ।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।