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    भगवान शिवनमस्कार मंत्र

    ॐ नमः शम्भवे

    Om Namah Shambhave

    108 बार जप करें

    शिव के शांत, कल्याणकारी रूप को प्रणाम।

    प्रकार
    नमस्कार मंत्र
    देवता
    भगवान शिव
    जप संख्या
    108 (एक माला)

    अर्थ

    मैं शम्भु को नमन करता हूँ। शम्भु दो शब्दों से बना है, शम् यानी कल्याण और भू यानी जिससे वह उत्पन्न हो। यह नाम शिव के सौम्य रूप की ओर इशारा करता है, रुद्र के उग्र रूप की ओर नहीं।

    परिचय

    यह ॐ नमः शिवाय जितना प्रसिद्ध नहीं, पर सुबह की पूजा में बहुत लोग इसे पंचाक्षर के साथ जोड़ते हैं। जिनका मन उग्रता से ज़्यादा शांति की ओर खिंचता है, उन्हें यह नाम अपना-सा लगता है।

    जप कैसे करें

    रुद्राक्ष की माला पर धीमे, शांत स्वर में। शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए भी बोल सकते हैं।

    कब जपें: सुबह का समय, और सोमवार।

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    108 बार जप करें

    लोग अक्सर पूछते हैं

    दोनों शिव के नाम हैं और दोनों में कल्याण का भाव है। शंकर का अर्थ है कल्याण करने वाला, शम्भु का वह जिससे कल्याण उत्पन्न होता है।

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