अर्थ
मैं शम्भु को नमन करता हूँ। शम्भु दो शब्दों से बना है, शम् यानी कल्याण और भू यानी जिससे वह उत्पन्न हो। यह नाम शिव के सौम्य रूप की ओर इशारा करता है, रुद्र के उग्र रूप की ओर नहीं।
परिचय
यह ॐ नमः शिवाय जितना प्रसिद्ध नहीं, पर सुबह की पूजा में बहुत लोग इसे पंचाक्षर के साथ जोड़ते हैं। जिनका मन उग्रता से ज़्यादा शांति की ओर खिंचता है, उन्हें यह नाम अपना-सा लगता है।
जप कैसे करें
रुद्राक्ष की माला पर धीमे, शांत स्वर में। शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए भी बोल सकते हैं।
कब जपें: सुबह का समय, और सोमवार।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।