अर्थ
बस शिव का नाम, दोहराया हुआ। शिव शब्द का अर्थ ही है मंगल, कल्याण।
परिचय
बहुत से बुज़ुर्ग इसे आदत की तरह बोलते हैं। कुछ गिर जाए, कोई ख़बर आए, या बस बैठे-बैठे, मुँह से "शिव शिव" निकल जाता है। यही इसकी ताक़त है। इसे सीखने या याद करने की ज़रूरत नहीं पड़ती, और यह दिन भर साथ रहता है।
जप कैसे करें
साँस अंदर लेते हुए एक बार "शिव", बाहर छोड़ते हुए एक बार। माला की ज़रूरत नहीं।
कब जपें: किसी भी समय। सोमवार को विशेष।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।