प्रसिद्ध मंदिर
श्री अयप्पा मंदिर, सबरीमाला
पेरियार टाइगर रिज़र्व, पथानामथिट्टा जिला, केरल
18 पवित्र सीढ़ियों के लिए प्रसिद्ध, जहाँ हर वर्ष चार करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुँचते हैं
एक नज़र में
- स्थान
- पेरियार टाइगर रिज़र्व, पथानामथिट्टा जिला, केरल
- आराध्य
- भगवान अयप्पा (हरिहरपुत्र)
- श्रेणी
- प्रसिद्ध मंदिर
- परंपरा
- अन्य परंपरा
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- चेंगन्नूर रेलवे स्टेशन (लगभग 90-93 किमी, वहाँ से सड़क मार्ग व पम्बा तक वाहन, फिर पैदल चढ़ाई)
- निकटतम हवाई अड्डा
- कोच्चि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 160 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- मंडलम्-मकरविलक्कु काल (नवंबर से मध्य-जनवरी) मुख्य तीर्थ-काल है।
इतिहास
सबरीमाला मंदिर घने जंगलों के बीच पहाड़ी पर स्थित है और भगवान शिव व मोहिनी (विष्णु का स्त्री रूप) के पुत्र अयप्पा को समर्पित है। यहाँ की सबसे प्रसिद्ध परंपरा 18 पवित्र सीढ़ियाँ (पथिनेट्टाम्पडी) चढ़ना है, जिन्हें केवल 41-दिवसीय व्रत (माला धारण) पूर्ण करने वाले भक्त ही चढ़ते हैं। मंदिर वर्ष के केवल कुछ विशेष अवधियों में ही श्रद्धालुओं हेतु खुलता है।
धार्मिक महत्व
सबरीमाला की विशेषता इसकी सामाजिक समावेशिता है — यहाँ जाति व धर्म के भेदभाव के बिना सभी पुरुष व बाल भक्त दर्शन कर सकते हैं, जो इसे भारत के सामाजिक रूप से सर्वाधिक समावेशी तीर्थों में गिनता है।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
केवल मंडलम्-मकरविलक्कु काल (नवंबर-जनवरी), विशु काल (अप्रैल) व प्रत्येक मलयालम मास के प्रथम पाँच दिनों में खुलता है।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
चेंगन्नूर स्टेशन से टैक्सी या बस द्वारा पम्बा तक पहुँचकर, वहाँ से मंदिर तक लगभग 4-5 किमी की पैदल चढ़ाई करनी होती है (केवल पात्र श्रद्धालुओं हेतु, विशेष मौसम में ही खुला)।