अर्थ
गोपाल यानी गायें चराने वाला। यह कृष्ण के बचपन का नाम है, गोकुल के उस नन्हे ग्वाले का।
परिचय
जिन घरों में लड्डू गोपाल विराजते हैं, वहाँ यह नाम दिन में कई बार लिया जाता है। सुबह जगाना, नहलाना, भोग लगाना, सब इसी नाम के साथ होता है। इस भाव को वात्सल्य कहते हैं, जहाँ भक्त भगवान को अपनी संतान की तरह प्यार करता है। जन्माष्टमी की रात यह नाम लगभग हर घर में सुनाई देता है।
जप कैसे करें
लड्डू गोपाल के सामने थोड़ा माखन-मिश्री रखकर बैठें और जप करें। यहाँ विधि से ज़्यादा प्यार मायने रखता है।
कब जपें: सुबह की सेवा के समय, और जन्माष्टमी की आधी रात।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।