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    राधे राधे

    Radhe Radhe

    108 बार जप करें

    ब्रज का नमस्ते भी यही है और प्रार्थना भी।

    प्रकार
    नाम जप
    देवता
    भगवान कृष्ण
    जप संख्या
    108 (एक माला)

    अर्थ

    बस राधा का नाम, दो बार। इसमें और कुछ नहीं जोड़ा जाता।

    परिचय

    मथुरा-वृंदावन में लोग मिलते ही "राधे राधे" कहते हैं, और विदा लेते समय भी। दुकान पर, गली में, फ़ोन उठाते हुए। इसी तरह नाम-जप अलग से बैठकर करने की चीज़ न रहकर दिन भर की बोलचाल में घुल जाता है। राधाष्टमी पर यह नाम सबसे ऊँचा बरसाना में गूँजता है, जो राधा रानी का अपना गाँव है।

    जप कैसे करें

    मन में या होंठों पर, जब भी याद आए। चाहें तो इसे साँस से जोड़ लें, एक "राधे" साँस भीतर लेते हुए और एक बाहर छोड़ते हुए।

    कब जपें: पूरे दिन। राधाष्टमी इसका अपना दिन है।

    अभी जप शुरू करें

    जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।

    108 बार जप करें

    लोग अक्सर पूछते हैं

    ब्रज के संत कहेंगे हाँ। नाम किसी भी बहाने लिया जाए, नाम ही है।

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