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    सार्वभौमिक / भक्तिनाम जप

    हरि ॐ

    Hari Om

    108 बार जप करें

    ऋषिकेश के आश्रमों का नमस्ते।

    प्रकार
    नाम जप
    देवता
    सार्वभौमिक / भक्ति
    जप संख्या
    108 (एक माला)

    अर्थ

    हरि यानी विष्णु, वह जो दुख हर लेता है, और ॐ यानी प्रणव। एक तरफ़ रूप वाला भगवान, दूसरी तरफ़ रूप से परे। यह छोटा-सा वाक्य दोनों को साथ रखता है।

    परिचय

    ऋषिकेश और हरिद्वार के आश्रमों में साधु और यात्री एक-दूसरे को "हरि ॐ" कहकर ही मिलते हैं। स्वामी शिवानंद जैसे संतों ने इसे बहुत प्रचलित किया। यह इतना छोटा है कि दिन भर मन में चलता रह सकता है।

    जप कैसे करें

    साँस के साथ, "हरि" भीतर लेते हुए और "ॐ" बाहर छोड़ते हुए। माला हो या न हो।

    कब जपें: किसी भी समय।

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    जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।

    108 बार जप करें

    लोग अक्सर पूछते हैं

    हरि विष्णु का नाम है, जिसका अर्थ है हरने वाला, यानी जो भक्त के दुख और पाप हर ले।

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