अर्थ
जगन्नाथ की जय हो। जगन्नाथ का अर्थ है जगत के नाथ, यानी पूरे संसार के स्वामी।
परिचय
पुरी में जगन्नाथ जी अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजते हैं। आषाढ़ में जब तीनों रथ पर निकलते हैं, तो बड़ दांड पर लाखों लोग रस्सियाँ खींचते हुए यही पुकारते हैं। कहते हैं रथयात्रा वह मौक़ा है जब भगवान ख़ुद मंदिर से बाहर आकर सबको दर्शन देते हैं, चाहे कोई भी हो।
जप कैसे करें
पूरी आवाज़ में, सबके साथ मिलकर।
कब जपें: आषाढ़ की रथयात्रा, और कभी भी।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।