अर्थ
राधे राधे, मुझे श्याम से मिला दो। भक्त राधा रानी से कहता है कि वे उसे कृष्ण तक पहुँचा दें।
परिचय
यह संस्कृत का मंत्र नहीं, ब्रज की बोली का कीर्तन है, इसलिए इसका भाव तुरंत समझ में आता है। बरसाना और वृंदावन के मंदिरों में ढोलक-मंजीरे के साथ यह घंटों चलता है। होली के दिनों में, जब ब्रज रंग में डूबा रहता है, यह हर गली में सुनाई देता है।
जप कैसे करें
गाकर, ढोलक और मंजीरे के साथ। कोई धुन याद न हो तो बस लय में दोहराते रहें।
कब जपें: शाम का कीर्तन। राधाष्टमी और होली पर ख़ास।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।