प्रसिद्ध मंदिर
श्री गोविंद देव मंदिर
वृंदावन, मथुरा जिला, उत्तर प्रदेश
आमेर के राजा मानसिंह द्वारा निर्मित — मुगलकालीन भारत के सबसे भव्य मंदिरों में से एक
एक नज़र में
- स्थान
- वृंदावन, मथुरा जिला, उत्तर प्रदेश
- आराध्य
- श्री गोविंद देव जी (भगवान कृष्ण)
- श्रेणी
- प्रसिद्ध मंदिर
- परंपरा
- वैष्णव
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- मथुरा जंक्शन (लगभग 14 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा
- आगरा हवाई अड्डा (लगभग 75 किमी); इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली (लगभग 160 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से मार्च; भवन की वास्तुकला देखने के लिए दिन का उजाला सर्वोत्तम रहता है।
इतिहास
गोविंद देव मंदिर का निर्माण आमेर (जयपुर) के राजा मानसिंह प्रथम ने सन् 1590 के आसपास करवाया था। यह मंदिर हिंदू व मुगल स्थापत्य शैलियों के अनूठे संगम के लिए जाना जाता है और मूल रूप से सात मंजिला बताया जाता है। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, बाद के मुगल शासनकाल में मंदिर की ऊपरी मंजिलें ध्वस्त कर दी गईं, और मूल विग्रह को सुरक्षा हेतु जयपुर स्थानांतरित कर दिया गया, जहाँ आज भी सिटी पैलेस के निकट गोविंद देव जी मंदिर में पूजित है।
धार्मिक महत्व
यह मंदिर भारतीय मंदिर वास्तुकला के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है और इसे राजस्थानी व मुगल शैली के मिश्रण का दुर्लभ उदाहरण माना जाता है।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
प्रातः 6:00 से दोपहर 12:00 और सायं 4:00 से रात्रि 7:00 तक (लगभग)।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
मथुरा जंक्शन से वृंदावन तक ऑटो/टैक्सी द्वारा पहुँचकर, राधा रमण मंदिर के निकट स्थित गोविंद देव मंदिर तक पैदल पहुँचा जा सकता है।
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