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    प्रसिद्ध मंदिर

    निधिवन (रंग महल)

    वृंदावन, मथुरा जिला, उत्तर प्रदेश

    पवित्र वन जिसके बारे में मान्यता है कि यहाँ रात्रि में राधा-कृष्ण रास लीला करते हैं

    एक नज़र में

    स्थान
    वृंदावन, मथुरा जिला, उत्तर प्रदेश
    आराध्य
    श्री राधा-कृष्ण (निकुंज लीला स्थल)
    श्रेणी
    प्रसिद्ध मंदिर
    परंपरा
    वैष्णव
    निकटतम रेलवे स्टेशन
    मथुरा जंक्शन (लगभग 13 किमी)
    निकटतम हवाई अड्डा
    आगरा हवाई अड्डा (लगभग 74 किमी); इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली (लगभग 160 किमी)
    घूमने का सर्वोत्तम समय
    प्रातःकाल या दोपहर से पहले — क्योंकि संध्या आरती के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं होती।

    इतिहास

    निधिवन बांके बिहारी मंदिर के निकट स्थित एक छोटा किंतु अत्यंत पवित्र माना जाने वाला वन क्षेत्र है, जो स्वामी हरिदास की साधना-स्थली से जुड़ा है। वन के भीतर "रंग महल" नामक एक छोटा मंडप है, जहाँ प्रतिदिन संध्या आरती के पश्चात् शयन-सामग्री (बिस्तर, जल व पान) सजाई जाती है। स्थानीय परंपरा में दृढ़ मान्यता है कि रात्रि में राधा-कृष्ण व गोपियाँ यहाँ रास रचाते हैं, इसलिए आरती के बाद कोई भी — मनुष्य या पशु — वन में नहीं रुकता।

    धार्मिक महत्व

    यह एक लोक-मान्यता है, वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं — फिर भी यह वृंदावन की भक्ति-संस्कृति और स्थानीय परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण व श्रद्धेय हिस्सा है।

    यात्रा की योजना

    दर्शन समय

    प्रातः 5:00 से संध्या आरती तक खुला रहता है; आरती के पश्चात् वन में प्रवेश वर्जित है।

    त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।

    बांके बिहारी मंदिर से निधिवन मात्र कुछ मिनट की पैदल दूरी पर स्थित है।

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    सामान्य प्रश्न

    नहीं। स्थानीय परंपरा के अनुसार संध्या आरती के बाद कोई भी वन में नहीं रुकता, क्योंकि मान्यता है कि उस समय राधा-कृष्ण की रास लीला होती है। यह एक पारंपरिक मान्यता है।