प्रसिद्ध मंदिर
मुंडेश्वरी देवी मंदिर, कैमूर
रामगढ़, कैमूर ज़िला, बिहार
कैमूर की पहाड़ी पर अष्टकोणीय गर्भगृह वाला अति प्राचीन मंदिर
एक नज़र में
- स्थान
- रामगढ़, कैमूर ज़िला, बिहार
- आराध्य
- देवी मुंडेश्वरी और भगवान शिव
- श्रेणी
- प्रसिद्ध मंदिर
- परंपरा
- शैव
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- भभुआ रोड रेलवे स्टेशन (लगभग 25 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा
- लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी (लगभग 110 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से मार्च; नवरात्रि और शिवरात्रि पर विशेष आयोजन होते हैं।
इतिहास
मुंडेश्वरी मंदिर कैमूर पठार पर रामगढ़ गाँव के पास लगभग 185 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह 1915 से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारक है। इसे प्रायः "विश्व का सबसे प्राचीन निरंतर पूजित हिंदू मंदिर" कहा जाता है — यह दावा व्यापक रूप से दोहराया जाता है, यद्यपि इस पर मतभेद है। स्थल से प्राप्त अभिलेख इसे गुप्तकाल के आसपास का सिद्ध करते हैं।
धार्मिक महत्व
मंदिर का अष्टकोणीय गर्भगृह उत्तर भारत में दुर्लभ है और स्थापत्य की दृष्टि से इसका विशेष महत्व है। भीतर देवी मुंडेश्वरी की प्रतिमा और एक चतुर्मुख शिवलिंग दोनों प्रतिष्ठित हैं। यहाँ की एक चर्चित परंपरा यह है कि बलि की प्रथा में पशु का वध नहीं किया जाता; उसे देवी के सम्मुख छोड़ दिया जाता है और फिर मुक्त कर दिया जाता है।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
मंदिर प्रातः से सायं तक खुला रहता है। नवरात्रि और शिवरात्रि पर यहाँ मेला लगता है।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
वाराणसी या सासाराम से सड़क मार्ग द्वारा पहुँचा जा सकता है। पहाड़ी तक सड़क बनी है, और ऊपर मंदिर तक कुछ सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।
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