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    प्रसिद्ध मंदिर

    मुरुडेश्वर मंदिर

    मुरुडेश्वर, उत्तर कन्नड़ जिला, कर्नाटक

    अरब सागर तट पर विश्व की दूसरी सबसे ऊँची शिव प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध

    एक नज़र में

    स्थान
    मुरुडेश्वर, उत्तर कन्नड़ जिला, कर्नाटक
    आराध्य
    भगवान शिव (मुरुडेश्वर)
    श्रेणी
    प्रसिद्ध मंदिर
    परंपरा
    शैव
    निकटतम रेलवे स्टेशन
    मुरुडेश्वर रेलवे स्टेशन (लगभग 2 किमी)
    निकटतम हवाई अड्डा
    मैंगलोर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 165 किमी)
    घूमने का सर्वोत्तम समय
    अक्टूबर से मार्च (मानसून की उमस व समुद्री तूफान से बचने हेतु)।

    इतिहास

    मुरुडेश्वर मंदिर एक छोटी पहाड़ी पर स्थित है, जो तीन ओर से अरब सागर से घिरी हुई है। मंदिर की सबसे प्रमुख विशेषता लगभग 37 मीटर ऊँची भगवान शिव की विशाल प्रतिमा है, जो व्यवसायी आर.एन. शेट्टी द्वारा 2000 के दशक की शुरुआत में स्थापित करवाई गई थी, और परिसर में 20 मंजिला भव्य गोपुरम् भी है, जहाँ से समुद्र का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।

    धार्मिक महत्व

    मंदिर परिसर में लिफ्ट द्वारा गोपुरम् की ऊपरी मंजिलों तक जाया जा सकता है, जहाँ से समुद्र-तट का दृश्य इसे धार्मिक व पर्यटन दोनों दृष्टि से लोकप्रिय बनाता है।

    यात्रा की योजना

    दर्शन समय

    प्रातः 6:00 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक।

    त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।

    मुरुडेश्वर रेलवे स्टेशन कोंकण रेलवे मार्ग पर स्थित है और मुंबई, गोवा व मैंगलोर से जुड़ा है; स्टेशन से मंदिर तक ऑटो द्वारा कुछ ही मिनटों में पहुँचा जा सकता है।

    भगवान शिव की भक्ति आगे बढ़ाएँ

    इसी देवता से जुड़ी सामग्री, इसी साइट पर।

    सामान्य प्रश्न

    यह प्रतिमा लगभग 37 मीटर ऊँची है, जो इसे विश्व की सबसे ऊँची शिव प्रतिमाओं में से एक बनाती है।