प्रसिद्ध मंदिर
श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा
नाथद्वारा, राजसमंद, राजस्थान
पुष्टिमार्ग की प्रधान पीठ, जहाँ श्रीनाथजी की सेवा दिन में आठ बार होती है
एक नज़र में
- स्थान
- नाथद्वारा, राजसमंद, राजस्थान
- आराध्य
- श्रीनाथजी (श्रीकृष्ण का सात वर्ष का बाल स्वरूप)
- श्रेणी
- प्रसिद्ध मंदिर
- परंपरा
- वैष्णव
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- मावली जंक्शन (लगभग 30 किमी); उदयपुर सिटी (लगभग 48 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा
- महाराणा प्रताप हवाई अड्डा, उदयपुर (लगभग 60 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से मार्च। जन्माष्टमी, अन्नकूट (गोवर्धन पूजा) और होली पर अत्यधिक भीड़ रहती है।
इतिहास
श्रीनाथजी का विग्रह मूलतः ब्रज में गोवर्धन पर्वत पर प्रतिष्ठित था। 17वीं शताब्दी के अंत में मुगल शासन के दौरान इसे सुरक्षा की दृष्टि से ब्रज से हटाया गया और मेवाड़ के महाराणा राज सिंह के संरक्षण में वर्तमान स्थान पर प्रतिष्ठित किया गया; तभी से यह नगर नाथद्वारा कहलाया। मंदिर वल्लभाचार्य द्वारा प्रवर्तित पुष्टिमार्ग सम्प्रदाय का प्रमुख केंद्र है।
धार्मिक महत्व
यहाँ श्रीनाथजी की पूजा मूर्तिपूजा से अधिक "सेवा" के रूप में की जाती है — दिन में आठ दर्शन (मंगला, शृंगार, ग्वाल, राजभोग, उत्थापन, भोग, संध्या आरती और शयन) होते हैं, जिनमें वस्त्र, श्रृंगार और भोग ऋतु के अनुसार बदलते रहते हैं। पीछे लगने वाले चित्रित वस्त्र "पिछवाई" की कला भी इसी परंपरा से विकसित हुई।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
दर्शन दिन भर में आठ निश्चित झाँकियों में होते हैं और हर झाँकी थोड़ी देर के लिए ही खुलती है; बीच में पट बंद रहते हैं। समय ऋतु के अनुसार बदलता है, इसलिए निकलने से पहले मंदिर की आधिकारिक सूचना देख लें।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
नाथद्वारा उदयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर है और उदयपुर से बस या टैक्सी द्वारा लगभग डेढ़ घंटे में पहुँचा जा सकता है। मंदिर परिसर में मोबाइल फ़ोन और कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं है।
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