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    प्रसिद्ध मंदिर

    श्री नृसिंह स्वामी मंदिर, अहोबिलम

    अहोबिलम, नंद्याल ज़िला, आंध्र प्रदेश

    पूर्वी घाट की घाटियों में फैले नौ नृसिंह क्षेत्र

    एक नज़र में

    स्थान
    अहोबिलम, नंद्याल ज़िला, आंध्र प्रदेश
    आराध्य
    भगवान नृसिंह (नौ स्वरूपों में)
    श्रेणी
    प्रसिद्ध मंदिर
    परंपरा
    वैष्णव
    निकटतम रेलवे स्टेशन
    नंद्याल रेलवे स्टेशन (लगभग 70 किमी); कर्नूल (लगभग 150 किमी)
    निकटतम हवाई अड्डा
    कर्नूल हवाई अड्डा, ओरवाकल (लगभग 160 किमी); हैदराबाद (लगभग 350 किमी)
    घूमने का सर्वोत्तम समय
    अक्टूबर से फरवरी; नृसिंह जयंती यहाँ का प्रमुख उत्सव है। गर्मियों में यह क्षेत्र अत्यधिक गर्म रहता है।

    इतिहास

    अहोबिलम आंध्र प्रदेश के नंद्याल ज़िले के अल्लगड्डा मंडल में पूर्वी घाट की पहाड़ियों और घाटियों के बीच स्थित है। यह नृसिंह उपासना का प्रमुख केंद्र है, जहाँ उनके नौ स्वरूप — नव नरसिंह — अलग-अलग स्थानों पर प्रतिष्ठित हैं। मुख्य बस्ती और मंदिर परिसर निचले अहोबिलम में है, जबकि ऊपरी अहोबिलम पहाड़ी पर है।

    धार्मिक महत्व

    परंपरा के अनुसार यही वह स्थान है जहाँ नृसिंह ने हिरण्यकशिपु का वध किया और प्रह्लाद की रक्षा की। नौ नृसिंह क्षेत्रों के दर्शन एक पूरी यात्रा माने जाते हैं, जिनमें कुछ तक पहुँचने के लिए वन मार्ग से चढ़ाई करनी पड़ती है। यह स्थल अहोबिल मठ से भी जुड़ा है।

    यात्रा की योजना

    दर्शन समय

    मुख्य मंदिर प्रातः से सायं तक खुला रहता है। ऊपरी क्षेत्रों में जाने का समय दिन के उजाले तक सीमित रखना चाहिए, क्योंकि मार्ग वन क्षेत्र से होकर जाता है।

    त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।

    नंद्याल और अल्लगड्डा से बस व टैक्सी मिलती है। ऊपरी अहोबिलम तक सड़क है, पर नौ में से कई क्षेत्रों तक पैदल वन मार्ग से जाना पड़ता है, इसलिए पूरी यात्रा के लिए कम से कम दो दिन रखें।

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    सामान्य प्रश्न

    अहोबिलम में प्रतिष्ठित नृसिंह के नौ स्वरूप, जो निचले और ऊपरी अहोबिलम तथा आसपास की घाटियों में अलग-अलग स्थानों पर हैं।

    कठिन है। कई क्षेत्रों तक पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है, इसलिए दो दिन रखना बेहतर रहता है।