प्रसिद्ध मंदिर
श्री मूकाम्बिका मंदिर, कोल्लूर
कोल्लूर, उडुपी ज़िला, कर्नाटक
कोडचाद्री की तलहटी में ज्योतिर्लिंग-सदृश स्वयंभू लिंग वाली देवी पीठ
एक नज़र में
- स्थान
- कोल्लूर, उडुपी ज़िला, कर्नाटक
- आराध्य
- देवी मूकाम्बिका (आदि पराशक्ति)
- श्रेणी
- प्रसिद्ध मंदिर
- परंपरा
- शाक्त
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- बैंदूर (मूकाम्बिका रोड) रेलवे स्टेशन (लगभग 30 किमी); कुंदापुर (लगभग 40 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा
- मैंगलोर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 135 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से फरवरी; नवरात्रि और विजयादशमी पर विद्यारंभ के लिए विशेष भीड़ होती है। मानसून में यह क्षेत्र अत्यधिक वर्षा वाला है।
इतिहास
कोल्लूर उडुपी ज़िले के बैंदूर तालुक में सौपर्णिका नदी के दक्षिण तट पर, कोडचाद्री पर्वत की तलहटी में स्थित है। परंपरा में इस मंदिर का संबंध आदि शंकराचार्य से जोड़ा जाता है, जिन्होंने कोडचाद्री पर तपस्या करने के बाद यहाँ देवी की प्रतिष्ठा की — यह मान्यता व्यापक है, यद्यपि इसका ऐतिहासिक प्रमाण सीमित है।
धार्मिक महत्व
गर्भगृह में देवी की धातु प्रतिमा के साथ एक स्वयंभू लिंग है, जिस पर एक स्वर्ण रेखा है; परंपरा में इसके बाएँ भाग को महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती तथा दाएँ भाग को शिव का स्वरूप माना जाता है। केरल और तटीय कर्नाटक में यह विद्या और वाणी की देवी के रूप में विशेष रूप से पूजी जाती हैं, और बच्चों का विद्यारंभ यहाँ कराने की परंपरा है।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
मंदिर प्रातः से रात्रि तक खुला रहता है और दोपहर में कुछ समय के लिए पट बंद होते हैं। नवरात्रि में समय बढ़ा दिया जाता है।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
कोंकण रेलवे मार्ग पर बैंदूर निकटतम स्टेशन है, जहाँ से बस और टैक्सी मिलती है। उडुपी, मैंगलोर और कुंदापुर से सीधी बसें चलती हैं।
माँ दुर्गा की भक्ति आगे बढ़ाएँ
इसी देवता से जुड़ी सामग्री, इसी साइट पर।