प्रसिद्ध मंदिर
विष्णुपद मंदिर, गया
गया, बिहार
फल्गु के तट पर विष्णु के चरण चिह्न का मंदिर, पितृ पक्ष श्राद्ध का प्रमुख स्थल
एक नज़र में
- स्थान
- गया, बिहार
- आराध्य
- भगवान विष्णु (चरण चिह्न रूप में)
- श्रेणी
- प्रसिद्ध मंदिर
- परंपरा
- वैष्णव
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- गया जंक्शन (लगभग 3 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा
- गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 8 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से मार्च। पितृ पक्ष (सितंबर-अक्टूबर) में श्राद्ध के लिए आना हो तो ठहरने की व्यवस्था बहुत पहले कर लें।
इतिहास
विष्णुपद मंदिर गया में फल्गु नदी के तट पर स्थित है। गर्भगृह में बेसाल्ट शिला पर उत्कीर्ण लगभग 40 सेंटीमीटर का चरण चिह्न है, जिसे धर्मशिला कहा जाता है और परंपरा में भगवान विष्णु का चरण माना जाता है। वर्तमान मंदिर संरचना 18वीं शताब्दी में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा बनवाई गई मानी जाती है।
धार्मिक महत्व
कथा के अनुसार यह वही स्थान है जहाँ विष्णु ने गयासुर को अपने चरण से दबाया था। गया पितरों के श्राद्ध और पिंडदान का सबसे प्रमुख तीर्थ है; पितृ पक्ष के पंद्रह दिनों में यहाँ देश भर से लाखों लोग गया श्राद्ध के लिए आते हैं, और "गया श्राद्ध" की परंपरा पुराणों में उल्लिखित है।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
मंदिर प्रातः से रात्रि तक खुला रहता है। पितृ पक्ष में व्यवस्था पूरी तरह बदल जाती है और कतारें बहुत लंबी होती हैं।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
गया जंक्शन दिल्ली, कोलकाता और पटना से सीधी रेल सेवा से जुड़ा है। मंदिर नगर के भीतर है और स्टेशन से ऑटो द्वारा कुछ ही मिनटों में पहुँचा जा सकता है। बोधगया यहाँ से लगभग 15 किमी दूर है।
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