शक्तिपीठ
माँ शारदा देवी मंदिर, मैहर
मैहर, सतना जिला, मध्य प्रदेश
त्रिकूट पर्वत की चोटी पर विराजमान, संगीतज्ञ उस्ताद अलाउद्दीन खान की साधना-स्थली से जुड़ा तीर्थ
एक नज़र में
- स्थान
- मैहर, सतना जिला, मध्य प्रदेश
- आराध्य
- माता शारदा (सरस्वती-दुर्गा संयुक्त स्वरूप)
- श्रेणी
- शक्तिपीठ
- परंपरा
- शाक्त
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- मैहर रेलवे स्टेशन (लगभग 5 किमी, नवरात्रि में अधिक ट्रेनें रुकती हैं); सतना जंक्शन (लगभग 36 किमी, सभी ट्रेनें)
- निकटतम हवाई अड्डा
- खजुराहो हवाई अड्डा (लगभग 100 किमी); जबलपुर हवाई अड्डा (लगभग 150 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से फरवरी; शारदीय व वासंतिक नवरात्रि सर्वाधिक भीड़ वाला किंतु सबसे भव्य समय है।
इतिहास
मैहर का शारदा देवी मंदिर त्रिकूट पर्वत की चोटी पर स्थित है, जहाँ लगभग 1,063 सीढ़ियाँ चढ़कर या रोपवे द्वारा पहुँचा जाता है। कथा के अनुसार यहाँ सती का हार (कुछ मान्यताओं में गले का आभूषण) गिरा था, जिससे "मैहर" (माई का हार) नाम पड़ा। यह स्थान प्रसिद्ध संगीतज्ञ उस्ताद अलाउद्दीन खान की साधना-भूमि के रूप में भी जाना जाता है, जिन्होंने यहीं देवी से संगीत-सिद्धि प्राप्त करने की साधना की थी।
धार्मिक महत्व
मैहर मध्य प्रदेश के सबसे प्रमुख देवी-तीर्थों में गिना जाता है, और नवरात्रि के दौरान यहाँ लाखों श्रद्धालु पहाड़ी की चढ़ाई करते हैं।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक (रोपवे का समय भिन्न हो सकता है)।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
मैहर या सतना स्टेशन से टैक्सी द्वारा पर्वत की तलहटी तक पहुँचकर, वहाँ से सीढ़ियों या रोपवे द्वारा मंदिर तक पहुँचा जा सकता है।
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